| | |

दोपहर तक धार-पीथमपुर बंद: भोजशाला में कानून के उल्लंघन से नाराज हिंदू संगठन; जिला प्रशासन को देंगे ज्ञापन

धार/ पीथमपुर।  मंगलवार को सकल हिंदू समाज के आह्वान पर धार और पीथमपुर बंद रहेगा। यह बंद ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में धार्मिक अधिकारों और पूजा-अर्चना की व्यवस्था को लेकर किया गया था।

सुबह से ही शहर और जिले के व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे सड़कों पर आवाजाही सामान्य से कम दिखी।

बंद को सफल बनाने के लिए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुबह से बाजारों में घूमकर व्यापारियों से समर्थन की अपील की। व्यापारिक संघों ने भी इस आह्वान का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं।

हालांकि, आम जनजीवन को देखते हुए आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया था। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित होते रहे।

कानूनी आदेशों का पालन नहीं हो रहा 
सकल हिंदू समाज का आरोप है कि भोजशाला मामले में कानूनी आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि न्यायालय ने हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया है, लेकिन हिंदू समाज की सहमति के बिना परिसर में नमाज़ की अनुमति देना गलत है। इसी असंतोष को व्यक्त करने के लिए समाज ने दोपहर में जिला प्रशासन को एक सामूहिक ज्ञापन सौपेंगे।

पुलिस प्रशासन सतर्क
हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि भोजशाला माँ वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है और यह मुद्दा समाज की आस्था, अस्मिता तथा अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए यह कानूनी और सामाजिक संघर्ष जारी रहेगा।
बंद के आह्वान के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।

भोजशाला परिसर के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शहर के संवेदनशील इलाकों और भोजशाला परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही

अफवाहों पर ध्यान न दें 
सी.एस.पी ने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि यदि बंद के दौरान कोई भी व्यक्ति जबरन दुकान बंद कराने या परेशान करने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, जिस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोपहर 1 बजे लालबाग में सब इकट्ठा होंगे। इसके बाद अपनी मांगों के संदर्भ में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

Share