उज्जैन के चक्रतीर्थ क्षेत्र में चला बुलडोजर: शहर का प्रमुख धार्मिक स्थल; अवैध निर्माण को हटाया

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज होते ही नगर निगम ने सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू कर दी है।
रविवार को निगम की टीम ने जोन क्रमांक-1 के वार्ड 13 स्थित चक्रतीर्थ क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने यहां अस्थायी अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाकर क्षेत्र को व्यवस्थित कराया।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर रविवार को निगम की रिमूवल टीम और जेसीबी मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में निगम की टीम ने अभियान जारी रखा।
पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सहायक आयुक्त राघवेंद्र सिंह पालिया, तहसीलदार शेफाली जैन, भवन अधिकारी राजकुमार राठौर, भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता और सीएसपी पुष्पा प्रजापति सहित निगम का रिमूवल अमला व संबंधित थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया। टीम ने मौके से अस्थायी निर्माण और अतिक्रमण हटाकर क्षेत्र को व्यवस्थित किया।
सिंहस्थ से पहले क्यों महत्वपूर्ण है चक्रतीर्थ?
शिप्रा नदी तट पर स्थित चक्रतीर्थ उज्जैन का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नदी किनारे बढ़ते अस्थायी निर्माण प्रशासन के लिए चुनौती बन रहे हैं। सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए घाटों और धार्मिक स्थलों को व्यवस्थित किया जा रहा है। इसी के तहत शिप्रा किनारे बने अस्थायी निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
आए दिन नज़र आती है असामाजिक गतिविधियों
चक्रतीर्थ क्षेत्र में बने अस्थायी निर्माणों से सार्वजनिक सुविधाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं सामने आती रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य ऐसे स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर आमजन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाना है। नगर निगम की यह कार्रवाई सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले दिनों में शिप्रा किनारे सहित अन्य धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रह सकती है।
स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद कार्रवाई
चक्रतीर्थ क्षेत्र में लंबे समय से अस्थायी निर्माण और अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोग शिकायत करते रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व यहां बैठकर नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे श्रद्धालुओं और आम लोगों को परेशानी होती है। कई बार शिकायतों के बाद अब नगर निगम ने कार्रवाई की है। अतिक्रमण हटने से क्षेत्र खुला और व्यवस्थित होगा, आवाजाही सुगम होगी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगने की उम्मीद है।