देवास में स्वर्ण समाज का प्रदर्शन: UGC बिल और लाठीचार्ज का विरोध; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

देवास। UGC कानून 2026, मौजूदा आरक्षण नीति और दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में स्वर्ण समाज ने प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधि रविवार को देवास कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समाज ने केंद्र सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं।
UGC कानून 2026 वापस लेने की मांग
स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने UGC कानून 2026 को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि नए UGC नियमों में सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण का आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। इससे ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को भी लाभ मिल सकेगा। जरूरतमंद लोगों को समान अवसर मिलने की बात भी कही गई।
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज का विरोध
समाज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वहां छात्र और नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की गई। समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपते हुए देवेंद्र सिंह व्यास और अन्य समाजसेवियों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने UGC कानून 2026 वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
उन्होंने आरक्षण नीति में जरूरी बदलाव की भी मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर स्वर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करेगा। प्रदर्शन में समाज के कई गणमान्य नागरिक और युवा शामिल हुए।
स्वर्ण समाज की प्रमुख मांगें
- UGC कानून 2026 वापस हो
सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव रोकने की मांग। - आर्थिक आधार पर आरक्षण हो
जाति की जगह आर्थिक स्थिति को आधार बनाने की मांग। - जंतर-मंतर लाठीचार्ज की जांच हो
प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग। - मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा
स्वर्ण समाज ने आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी।