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जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च; सोनम वांगचुक की अनशन तोड़ने की 3 शर्तें, जंतर-मंतर पर 10 हजार लोग

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हैं। सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी। हालांकि अब स्थिति काबू में है। CJP सुबह 9 बजे जंतर-मंतर से संसद तक ‘चलो संसद’ मार्च निकालेगी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।

23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने कहा कि वे तीन शर्तों पर अनशन खत्म करेंगे। पहली- सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी ले। दूसरी- CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने दिया जाए और सांसद मुद्दा उठाने का भरोसा दें। तीसरा- स्वास्थ्य कारणों से ऐसा संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें। वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि उन्हें अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है, जहां उनकी आवाजाही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।

दीपके बोले- किसी भी कीमत पर आंदोलन को बदनाम नहीं होने देंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, हमारी ओर से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि यह प्रदर्शन और संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे। हम पिछले एक महीने से यहां बैठे हैं। सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। हम किसी भी कीमत पर इस आंदोलन को बदनाम नहीं होने देंगे।

संसद मार्च से पहले वांगचुक का सोशल मीडिया पोस्ट, अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं

सोनम वांगचुक ने संसद मार्च से पहले सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया और अनशन तोड़ने के लिए 3 शर्तें रखीं। वांगचुक ने कहा कि वे 20 जुलाई को अपना अनशन तभी खत्म करेंगे, जब इनमें से कोई एक शर्त पूरी होगी।

वांगचुक ने कहा कि उनकी पहली शर्त है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी, वे और CJP का प्रतिनिधिमंडल संसद तक पहुंचे और वहां सांसद और विभिन्न दलों के नेता भरोसा दें कि इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। तीसरी, अगर स्वास्थ्य या किसी अन्य वजह से वांगचुक संसद नहीं जा सके, तो अलग-अलग दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें। वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से रोका गया है, जहां उनकी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता पर पाबंदी है।

बैरिकेडिंग का विरोध, पुलिस के सामने सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी

CJP ने संसद मार्च के लिए कोई तय रूट प्लान जारी नहीं किया है। सुबह 9 बजे प्रस्तावित मार्च से पहले जंतर-मंतर के बाहर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर दी है। प्रदर्शन स्थल के प्रवेश द्वार पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती लगातार बढ़ाई जा रही है। उधर, समर्थकों की भीड़ भी लगातार बढ़ रही है। जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी हो गई। पुलिस अतिरिक्त बैरिकेड लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसका विरोध करते हुए सड़क पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग का काम रोक दिया है, जिसके चलते मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रही है।

संसद मार्च से पहले दिल्ली हाई अलर्ट, 5 हजार से ज्यादा जवान तैनात

नई दिल्ली जिले को 15 जोन में बांटा गया है। स्पेशल CP, जॉइंट CP और DCP रैंक के अधिकारी खुद मोर्चा संभालेंगे। विजय चौक, संसद मार्ग, पीएम आवास, गृह मंत्री आवास और राष्ट्रपति भवन समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भीड़, तोड़फोड़ या हिंसा की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। नई दिल्ली आने वाले सभी रास्तों पर कड़ी बैरिकेडिंग और सघन चेकिंग की जा रही है। वज्र वाहन, वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद किए जा सकते हैं। अस्पतालों और बीजेपी मुख्यालय की सुरक्षा भी हाई अलर्ट पर रखी गई है।

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