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बीजेपी ने फिर चौंकाया! दतिया विधानसभा उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को बनाया प्रत्याशी; नरोत्तम ने नामांकन फॉर्म खरीदा लेकिन पार्टी ने काटा टिकट

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही भाजपा ने उपचुनाव को लेकर अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा नेतृत्व की ओर से जारी सूची में आशुतोष तिवारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। पार्टी ने उन्हें संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय चेहरा मानते हुए चुनाव मैदान में उतारा है। अब दतिया विधानसभा सीट पर मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।

आशुतोष तिवारी ने 2023 में सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से BJP का टिकट मांगा था, लेकिन यह टिकट प्रदीप अग्रवाल को दिया गया। तिवारी भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा, वे M.P. हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन (कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ) के पद पर भी रहे हैं। हालांकि, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुनाव की तैयारी की थी, लेकिन उनका नाम लिस्ट में नहीं आया। अब तक दतिया उपचुनाव के लिए 13 लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदा है। इनमें से 4 लोगों ने जमा कर दिया है।

पूर्व मंत्री नरोत्तम खरीद चुके नामांकन फॉर्म

भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को नामांकन पत्र खरीद लिया था। उनकी शुक्रवार को फॉर्म दाखिल करने की चर्चा भी थी। इसी बीच केंद्रीय संगठन ने आशुतोष का नाम घोषित कर दिया। उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। इससे पहले टिकट के मामले में भारती ने कहा था- अगर पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। कांग्रेस जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, वे उसके समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करेंगे।

भारती को हाईकोर्ट से झटका

इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले शुक्रवार को बैंक FD घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका खारिज कर दी। इससे उनकी 3 साल की सजा बरकरार रहेगी। उन्होंने सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, सजा के बाद ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है। राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में सजा और दतिया विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि अगर दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी, तो उनका चुनाव लड़ने का अधिकार प्रभावित होगा।

कोर्ट ने 2 अप्रैल को सुनाई थी 3 साल की सजा

बैंक FD घोटाला मामले में दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने 2 अप्रैल को राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी आदेश और सजा पर रोक की मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने भारती की ओर से दलील दी कि मामला आपराधिक नहीं, बल्कि सिविल प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि बैंक पहले इस विवाद को सिविल मामला मानते हुए सुप्रीम कोर्ट गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है। संबंधित FD बैंक में सुरक्षित है।

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