पेट्रोल पंपों पर लगा एथेनॉल मिक्स पेट्रोल का नोटिस, ग्राहकों ने जताई गाड़ियों के खराब होने की चिंता

मध्य प्रदेश के देवास और हाटपिपलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर लगाया गया एक चेतावनी नोटिस चर्चा का विषय बना हुआ है। देवास पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन की ओर से लगाए गए इस नोटिस में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिश्रण को लेकर ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके बाद कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों में तकनीकी दिक्कतें आने की शिकायत भी की है।
पेट्रोल पंपों पर लगाए गए नोटिस में कहा गया है कि पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ऑयल कंपनियां 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की सप्लाई कर रही हैं। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि एथेनॉल पानी को आकर्षित करने वाला (हाइग्रोस्कोपिक) पदार्थ है। ऐसे में यदि वाहन की फ्यूल टंकी में नमी या पानी जमा हो जाए तो वाहन मालिक समय-समय पर अपनी टंकी की सफाई करवाएं। नोटिस के अनुसार, टंकी में पानी या उससे होने वाली खराबी के लिए पेट्रोल पंप संचालक जिम्मेदार नहीं होंगे।
उपभोक्ताओं ने गाड़ियों में खराबी की शिकायत की
कुछ वाहन मालिकों का दावा है कि पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी गाड़ियां झटके लेने लगीं, बीच रास्ते बंद होने लगीं और इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हुई। एक उपभोक्ता ने बताया कि जब उसने वाहन की टंकी से पेट्रोल निकाला तो नीचे की परत में पानी जैसी सामग्री दिखाई दी, जबकि ऊपर पेट्रोल था। उसका कहना है कि ऊपर का साफ पेट्रोल वापस डालने के बाद वाहन सामान्य रूप से चलने लगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि नीचे जमा पदार्थ पानी था या एथेनॉल से जुड़ा कोई प्रभाव।
वाहन स्टार्ट होने में परेशानी
स्थानीय ऑटोमोबाइल मैकेनिकों का कहना है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) हवा की नमी को अपेक्षाकृत अधिक तेजी से अवशोषित कर सकता है। यदि वाहन लंबे समय तक खड़ा रहे और टंकी में नमी मौजूद हो, तो इससे फ्यूल सिस्टम में दिक्कतें आने की संभावना बढ़ सकती है। मैकेनिकों के अनुसार, ऐसी स्थिति में वाहन स्टार्ट होने में परेशानी, इंजन का झटके लेना और फ्यूल पंप या कार्बोरेटर जैसे पुर्जों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी वाहन में खराबी के वास्तविक कारण का निर्धारण तकनीकी जांच के बाद ही किया जा सकता है।
पेट्रोल पंप संचालकों का पक्ष
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वे डिपो से प्राप्त होने वाले पेट्रोल का ही वितरण करते हैं और उसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं करते। उनके अनुसार, सरकार की नीति के तहत जो एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है, वही ग्राहकों को दिया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्राहकों को संभावित तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह नोटिस लगाया गया है।
फिलहाल बना हुआ है असमंजस
पेट्रोल पंपों पर लगे इस नोटिस के बाद वाहन मालिकों में चिंता का माहौल है। जहां कुछ उपभोक्ता अपने वाहनों में आई खराबी को एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से जोड़ रहे हैं, वहीं पेट्रोल पंप संचालक इसे सरकारी नीति के तहत मिलने वाली सप्लाई बता रहे हैं। फिलहाल इस मामले में ऑयल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वाहन मालिकों को सलाह दी जा रही है कि यदि उनके वाहन में लगातार तकनीकी समस्या आ रही है, तो अधिकृत सर्विस सेंटर या योग्य मैकेनिक से वाहन की जांच अवश्य कराएं।