डेमू नहीं थी ट्रेन, रेलवे जांच में हुआ बड़ा खुलासा ; इंदौर समोसा वायरल वीडियो का मामला
इंदौर में 7 जुलाई को राऊ – रंगवासा के बीच में डेमू ट्रेन रोककर लोको पायलेट द्वारा समोसे लेने के वीडिओ खूब वायरल हुआ था। अब वीडिओ का सच सामने आ गया है। रेलवे विभाग द्वारा की गई जांच के बाद इस वायरल वीडिओ का खुलासा हुआ है। इस मामले ने खूब चर्चा भी बटोरी थी। घटना के बाद रेलवे ने जांच के आदेश जारी किए थे। अब उसकी जांच रिपोर्ट हो आ गई है।
मुख्य रूप से जांच में इन बिंदु पर प्रकश डाला गया। वायरल वीडिओ में ट्रेन से उतरने वाला व्यक्ति कौन था और वह क्यों उतरा था। जांच में यह भी देखा गया कि ट्रेन किस वजह से रुकी थी , क्या उसे समोसे या किसी खाद्य सामग्री खरीदने के लिए रोका गया था। क्या उस जगह ट्रेन को अक्सर रुका जाता है।
जांच में सामने आए ये बिंदु
पीआरओ रेलवे मुकेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद कई तथ्य सामने आए है
- पहले तो यह डेमू ट्रेन नहीं होकर मालगाड़ी है। वायरल वीडिओ में डेमू ट्रेन का दवा किया जा रहा था।
- ट्रेन अक्सर नहीं रूकती है। जहां ट्रेन रुकी है , राऊ – रंगवासा में वहां क्रॉसिंग है। ऐसे में ट्रेन को वहां रोका जाता है।
- जो ट्रेन से उतरा वह लोको पायलेट है , लेकिन उस मालगाड़ी का नहीं। उसे अन्य गंतव्य तक जाना था। इसलिए उसे मालगाड़ी में बैठाया गया था।
विभाग को नाम बदनाम करने के लिए चलाया गए वीडिओ
पीआरओ ने कहा कि वीडिओ को इस तरह से पेश किया गया , जिससे रेलवे विभाग का नाम ख़राब और धूमिल किया जा संके। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेन का पिछले हिस्सा नहीं दिखाया गया है। इसे गलत तरह से डेमू ट्रेन दिखाया गया।