इंदौर में गरजे संजय सिंह, बोले- भाजपा का विकल्प बनने की क्षमता सिर्फ आम आदमी पार्टी में
इंदौर। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाने और उसके विकल्प के रूप में उभरने की क्षमता केवल आम आदमी पार्टी में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और जाति आधारित राजनीति करती है, जबकि आम आदमी पार्टी जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर काम करती है।
संजय सिंह सोमवार को इंदौर के आनंद मोहन माथुर सभागृह में आयोजित आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन एवं पदग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में स्थापित हो चुकी है और उसके कार्यकर्ता देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर राजनीति करती है, जो सीधे आम जनता से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र की विदेश नीति और कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, Bhagat Singh और B. R. Ambedkar की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
सम्मेलन को आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश के प्रभारी और दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री Jitender Singh Tomar, सह प्रभारी Akhilesh Pati Tripathi, जय भगवान उपकार, प्रदेश उपाध्यक्ष कमल गुप्ता, संगठन मंत्री अनुराग यादव सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
पार्टी नेताओं ने संगठन विस्तार, आगामी राजनीतिक रणनीति और मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी को मजबूत बनाने पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान कई कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के प्रयासों के तहत आम आदमी पार्टी लगातार कार्यकर्ता सम्मेलनों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
