इंदौर में BJP का बड़ा एक्शन; वीरेंद्र शेडगे को पद से हटाया, 3 दिन में मांगा जवाब
इंदौर में भारतीय जनता पार्टी, इंदौर महानगर इकाई ने संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा एक पत्र जारी किया गया है जिसके के अनुसार, पार्टी ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 के प्रभारी वीरेंद्र शेडगे को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से उनके पद से मुक्त करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पार्टी द्वारा जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई है। वीरेंद्र शेडगे पर आरोप है कि उनका पिछले कुछ दिनों का आचरण पार्टी की विचारधारा और पक्ष के अनुरूप नहीं रहा है, और उन्हें लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इंदौर विधानसभा-4 क्षेत्र के उषा नगर में कुत्तों को भोजन खिलाने को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रंग ले चूका है। मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कार्यकर्ताओं और भाजपा विधायक मालिनी गौड़ समर्थक पक्ष के बीच मारपीट एवं तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। विवाद के बाद देर रात अन्नपूर्णा थाने में जमकर हंगामा हुआ और मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया।
तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, भाजपा ने शेडगे को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया जाएगा।
यह घटनाक्रम इंदौर भाजपा में चर्चा का विषय बना हुआ है और पार्टी के सख्त रुख को दर्शाता है।
