48 साल बाद मिला न्याय: 1978 दंगों में मारे गए रामशरण रस्तोगी के परिवार को मिला जमीन का पट्टा
संभल। वर्ष 1978 के सांप्रदायिक दंगों में मारे गए रामशरण रस्तोगी के परिवार को लगभग 48 वर्ष बाद पुनर्वास की दिशा में बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतक के परिवार को 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित किया है। गुरुवार को प्रदेश सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री एवं संभल के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने परिजनों को पट्टे का प्रमाण पत्र सौंपा।
यह कार्यक्रम मंडलायुक्त आनंदेन्य कुमार, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में आयोजित किया गया। प्रशासन ने ग्राम शेरखां सराय बाहर चुंगी क्षेत्र में रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधू रुकमन रस्तोगी के नाम भूमि आवंटित की है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने भूमि पर कब्जा हस्तांतरित कराया और भवन निर्माण के लिए नींव की पहली ईंट भी रखी।
गौरतलब है कि वर्ष 1978 में संभल में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान रामशरण रस्तोगी की हत्या कर दी गई थी। परिवार का आरोप है कि दंगाइयों ने उनकी दुकान में लूटपाट करने के बाद उनकी हत्या की और शव को क्षत-विक्षत कर कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार को संभल छोड़कर पलायन करना पड़ा।
रामशरण रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने अपनी माता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए परिवार को पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराई।
प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि 1978 के दंगे प्रदेश के इतिहास का एक दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय हैं। उन घटनाओं में कई लोगों की जान गई और अनेक परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को पुनर्वास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
कपिल रस्तोगी ने कहा कि लगभग 48 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उनके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं रुकमन रस्तोगी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार संभल में फिर से अपना घर बसाने की तैयारी करेगा।
परिवार ने इसे न्याय और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
