नए रिकॉर्ड लो पर रुपया! डॉलर ₹97 के करीब, जानिए क्यों लगातार कमजोर हो रही भारतीय करेंसी

भारतीय रुपया एक बार फिर रिकॉर्ड निचले स्तर (Record Low) के करीब पहुंच गया है। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है और 20 मई 2026 को USD/INR का भाव 96.65 तक पहुंच गया, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में गिना जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि भारतीय रुपया आखिर क्यों कमजोर हो रहा है और क्या आने वाले दिनों में डॉलर ₹97 के पार जा सकता है?
क्यों कमजोर हो रहा है रुपया?
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक आर्थिक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी आर्थिक डेटा ने भारतीय मुद्रा पर गहरा असर डाला है।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ता है।
तेल सस्ता हुआ तो रुपये को मिली राहत
6 मई 2026 को रुपये में थोड़ी मजबूती देखने को मिली थी, जब USD/INR 94.31 तक आ गया था। इसकी बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 7% गिरावट रही।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरों से तेल सस्ता हुआ, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली और रुपया मजबूत हुआ।
अमेरिकी महंगाई ने फिर बढ़ाया दबाव
हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। मई के दूसरे सप्ताह में अमेरिका के महंगाई (Inflation) आंकड़े उम्मीद से मजबूत आए। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा डॉलर पर बढ़ गया और डॉलर इंडेक्स मजबूत होने लगा।
डॉलर की मजबूती का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा और रुपये में फिर गिरावट शुरू हो गई।
बड़े संस्थानों ने भी जताई चिंता
गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा संकट और महंगाई का दबाव डॉलर को और मजबूत कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो उभरते बाजारों की मुद्राओं, खासकर रुपये, पर और दबाव बढ़ सकता है।
RBI की कोशिशें भी सीमित असर दिखा रहीं
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार ने बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये की गिरावट को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन डॉलर की वैश्विक मजबूती के सामने इसका असर सीमित दिखाई दिया।
पिछले दिनों में डॉलर-रुपया का ट्रेंड
• 06 मई 2026: USD/INR 94.31 — तेल सस्ता होने से रुपया मजबूत
• 15 मई 2026: USD/INR 95.96 — अमेरिकी महंगाई डेटा से डॉलर मजबूत
• 20 मई 2026: USD/INR 96.65 — रुपये पर दबाव बढ़ा, रिकॉर्ड स्तर के करीब
क्या डॉलर ₹97 के पार जाएगा?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है या वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो रुपये को राहत मिल सकती है।
लेकिन यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है, महंगाई ऊंची बनी रहती है और डॉलर मजबूत होता है, तो USD/INR ₹97 के स्तर को भी छू सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और RBI की रणनीति पर बनी हुई है। डॉलर-रुपया की चाल का असर महंगाई, विदेशी यात्रा, आयात-निर्यात और आम लोगों की जेब तक महसूस किया जा सकता है।






