प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा पूरा, आज स्वीडन पहुंचेंगे; तकनीक, रक्षा और व्यापार पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप और पश्चिम एशिया के पांच देशों के दौरे के तीसरे चरण में रविवार को स्वीडन पहुंचेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी गोथेनबर्ग शहर में दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे, जहां वे स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी-संचालित आर्थिक साझेदारी, ग्रीन ट्रांजिशन, डिजिटल इनोवेशन, रक्षा तकनीक और व्यापारिक सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
स्वीडिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने कहा है कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रही है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि स्वीडन भारत को अपनी कंपनियों के लिए एक प्रमुख बाजार मानता है।
यूरोपीय आयोग प्रमुख से भी मुलाकात संभव
जानकारी के अनुसार, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगी। वर्ष 2018 के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली स्वीडन यात्रा होगी। इसके बाद 19 मई को प्रधानमंत्री मोदी ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
नीदरलैंड दौरे की यादें साझा कीं
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड दौरे की झलकियां सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा कीं। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत-नीदरलैंड संबंधों का मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई कार्ड पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक करने के फैसले का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में बताया कि नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ उनकी चर्चा रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर केंद्रित रही। उन्होंने फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड यात्रा को सफल बताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का समय है।






