भारत-UAE के बीच 7 बड़े समझौते, 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान; रक्षा और ऊर्जा साझेदारी मजबूत

प्रधानमंत्री Narendra Modi की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा के दौरान भारत और UAE के बीच 7 महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, समुद्री अवसंरचना, कौशल विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी साझेदारी
भारत और United Arab Emirates के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे पर समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों देश रक्षा तकनीक साझा करने, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करेंगे। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के सामरिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) और LPG आपूर्ति को लेकर अहम समझौते हुए हैं। Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) से जुड़े समझौतों का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना और कच्चे तेल व LPG की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सरकार के अनुसार, यह समझौता भविष्य में वैश्विक संकट या तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान भारत को राहत देने में मदद करेगा।
गुजरात के वाडिनार में बनेगा शिप रिपेयर क्लस्टर
दोनों देशों के बीच Vadinar में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना से जहाज मरम्मत उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसके अलावा जहाज निर्माण और मरम्मत क्षेत्र में कौशल विकास को लेकर भी सहयोग पर सहमति बनी है, जिससे भारतीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।
भारत में AI सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर बनेगा
एक अन्य महत्वपूर्ण समझौते के तहत UAE की तकनीकी कंपनी भारत में AI सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर और अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित करेगी। इससे भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और डिजिटल नवाचार मिशन को गति मिलने की उम्मीद है।
5 अरब डॉलर निवेश से इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट
UAE ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश की घोषणा की है। यह निवेश सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और भारत की विकास दर को मजबूती मिलेगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।






