नेपाल सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी दफ्तरों में फिजूल खर्च पर रोक; नए सामान खरीदने पर सख्ती

नेपाल सरकार ने सार्वजनिक खर्च में कटौती और मितव्ययिता अपनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सभी सरकारी दफ्तरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अत्यावश्यक जरूरतों को छोड़कर नए सामान की खरीद नहीं की जाए और पहले से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
यह निर्देश सभी मंत्रालयों, आयोगों, सचिवालयों, सरकारी कार्यालयों, निकायों, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालयों और प्रदेश सरकारों को जारी किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की सुशासन, भ्रष्टाचार नियंत्रण तथा कर्मचारी पृष्ठपोषण शाखा के अधिकारी Surya Bahadur Basnet ने इसकी जानकारी दी।
पीएमओ के परिपत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कार्यालय प्रमुख अत्यावश्यक परिस्थितियों को छोड़कर नए सामान की खरीद से बचें और पहले से मौजूद फर्नीचर, उपकरण, वाहन, औजार और अन्य संसाधनों को चालू स्थिति में रखकर उपयोग करें, ताकि सरकारी खर्च को नियंत्रित किया जा सके।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, शिकायतें मिली थीं कि कई सरकारी दफ्तरों में उपयोग में आ रही कुर्सियां, अलमारियां, सोफा, कार्पेट, पर्दे, गमले, कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप बिना जरूरत बदले जा रहे हैं। इसके अलावा मरम्मत के नाम पर असामान्य खर्च किए जाने की भी शिकायतें सामने आई थीं, जिससे राज्य कोष पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था।
सरकार का मानना है कि सार्वजनिक धन के अनावश्यक उपयोग को रोकना और सरकारी संसाधनों का बेहतर प्रबंधन समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यह परिपत्र जारी किया गया है, ताकि सरकारी संस्थानों में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।






