सहरसा में मिड-डे मील खाने से फिर बिगड़ी बच्चों की तबीयत, भोजन में सांप का हिस्सा मिलने का आरोप

Saharsa जिले में मिड-डे मील को लेकर लगातार दूसरे दिन बड़ा मामला सामने आया है। शुक्रवार को सौरबाजार प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में मिड-डे मील खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
बच्चों और अभिभावकों ने भोजन में सांप का कांटा और शरीर का हिस्सा मिलने का आरोप लगाया है।
भोजन के बाद बच्चों को हुई उल्टी और पेट दर्द
स्थानीय लोगों के मुताबिक मिड-डे मील खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी।
स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद शिक्षकों और अभिभावकों की मदद से बच्चों को सौरबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज जारी है।
भोजन में संदिग्ध वस्तु मिलने का आरोप
बच्चों और उनके परिजनों का आरोप है कि भोजन में जहरीले सांप का कांटा और शरीर का हिस्सा मिला था।
इससे पहले गुरुवार को महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में भी भोजन में किसी मृत जीव या सांप के बच्चे जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने की शिकायत सामने आई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संदिग्ध भोजन खाने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी।
स्कूल में हंगामा, पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन तथा भोजन आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
एनजीओ के जरिए होता है भोजन वितरण
जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील की आपूर्ति एक एनजीओ के माध्यम से की जाती है, जो पहले से तैयार भोजन उपलब्ध कराता है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू कराई जांच
प्रशासन ने भोजन के नमूनों की जांच कराने की बात कही है।
Rajanarayan Prasad ने बताया कि सभी बच्चों का इलाज चल रहा है और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार को हुई फूड प्वाइजनिंग की घटना में भी अधिकांश बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों की स्थिति में भी सुधार है।






