सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, महाकालेश्वर मंदिर में लागू हुई डिजिटल दर्शन व्यवस्था

Ujjain में आगामी सिंहस्थ 2028 (महाकुंभ) को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके तहत विश्व प्रसिद्ध Mahakaleshwar Temple में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती, वीआईपी दर्शन और अन्नदान सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे श्रद्धालु अब आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे ही बुकिंग कर सकते हैं। यह कदम भीड़ प्रबंधन और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Roushan Kumar Singh ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में लगातार आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सके।
नई व्यवस्था के तहत भस्म आरती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि वीआईपी दर्शन (शीघ्र दर्शन) की सुविधा ₹250 प्रति व्यक्ति शुल्क पर उपलब्ध होगी। श्रद्धालु 30 दिन पहले तक ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और उन्हें ई-पास भी प्राप्त होगा।
मंदिर प्रशासन ने अन्नक्षेत्र मॉड्यूल को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की है, जिससे अन्नदान सेवा की ऑनलाइन बुकिंग संभव होगी। इसके अलावा सांध्य आरती और शयन आरती की जानकारी भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएगी।
भीड़ प्रबंधन के लिए लगभग 1000 बैरिकेड्स और नए स्टील दानपेटियां लगाने की योजना भी बनाई गई है। साथ ही महाकाल लोक परिसर में फागिंग फव्वारे और 11 करोड़ रुपये की लागत से फैब्रिकेशन शेड का निर्माण किया जा रहा है।
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध भी लागू रहेगा, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इन सभी डिजिटल और आधारभूत सुधारों का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सहज धार्मिक अनुभव प्रदान करना है।






