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जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू, कश्मीर अब सीधी रेल सेवा से जुड़ा

देश के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहां जम्मू और श्रीनगर के बीच पहली बार सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। इस ऐतिहासिक कदम के साथ जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन राजधानियां अब रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ गई हैं, जिससे यात्रा, पर्यटन और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

इस सेवा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जम्मू रेलवे स्टेशन से किया गया। इसके तहत वंदे भारत ट्रेनों की क्षमता को आठ कोच से बढ़ाकर 20 कोच कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को टिकट उपलब्धता में बड़ी राहत मिलेगी।

करीब 266 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर ट्रेन सेवा 2 मई 2026 से नियमित रूप से शुरू होगी। यह ट्रेन जम्मू तवी से सुबह 6:20 बजे रवाना होकर कटरा, रियासी और बनिहाल होते हुए लगभग 4 घंटे 50 मिनट में श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन दोपहर 2 बजे श्रीनगर से चलकर शाम 6:50 बजे जम्मू पहुंचेगी। दूसरी जोड़ी ट्रेनों से यात्रियों को सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प मिलेगा।

इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज में शामिल चिनाब रेल पुल और भारत का पहला केबल-स्टे रेल ब्रिज अंजी खड्ड पुल हैं, जो भारतीय इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण हैं। चिनाब पुल नदी तल से 359 मीटर ऊंचा है और इसे अत्यधिक भूकंपीय और मौसमीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

यूएसबीआरएल (उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक) परियोजना के तहत बनी यह रेल लाइन देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में तैयार की गई है। इसमें 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। करीब 43,780 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरा होने में चार दशक से अधिक समय लगा।

इस रेल सेवा से न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फायदा होगा, बल्कि सेना और सुरक्षा बलों के लिए भी रसद आपूर्ति और आवाजाही आसान हो जाएगी। कठिन मौसम और भूस्खलन के कारण बाधित होने वाले सड़क मार्ग के मुकाबले अब सालभर तेज, सुरक्षित और सस्ती रेल सेवा उपलब्ध होगी, जिससे कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी और रणनीतिक मजबूती दोनों बढ़ेंगी।

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