नेपाल में छात्र संगठनों पर बैन के खिलाफ काठमांडू में जोरदार प्रदर्शन, सरकार के फैसले पर उठे सवाल

नेपाल की राजधानी काठमांडू में गुरुवार को छात्र संगठनों को समाप्त करने के सरकारी फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र एवं कर्मचारी संगठनों को खत्म करने के निर्णय के विरोध में किया गया।
विधि के छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि यह फैसला लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्र संगठन विश्वविद्यालयों में नेतृत्व विकास और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिन्हें समाप्त करना अनुचित है।
काठमांडू में नेपाल लॉ कैंपस के स्वतंत्र छात्र यूनियन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने प्रदर्शनी मार्ग पर मार्च निकालकर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और इसे “अधिनायकवादी कदम” बताया।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की सरकार ने विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों को राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र एवं कर्मचारी संगठनों को समाप्त करने का निर्देश दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रमुखों के साथ इस मुद्दे पर लंबी चर्चा भी की थी।






