ट्रंप का बड़ा बयान: बढ़ाया संघर्ष विराम, ईरान के प्रस्ताव का इंतजार; लेबनान-इजराइल वार्ता की उम्मीद

Donald Trump ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बड़ा फैसला लेते हुए संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह विराम तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान के नेता और प्रतिनिधि कोई साझा प्रस्ताव लेकर सामने नहीं आते।
इस फैसले को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति में बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिए थे कि वह संघर्ष विराम की समय-सीमा आगे नहीं बढ़ाएंगे, लेकिन अब उनके रुख में नरमी देखने को मिली है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Iran फिलहाल पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता में शामिल होने के मूड में नहीं है, जिससे Islamabad में बातचीत की मेज खाली रह गई है। हालांकि, पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका के बदले रुख के बाद ईरान भी बातचीत के लिए तैयार हो सकता है।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz को खोलने का फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे किसी भी संभावित समझौते पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि इस रणनीतिक मार्ग पर नियंत्रण वार्ता में अहम भूमिका निभाता है।
इस बीच, पश्चिम एशिया में एक सकारात्मक संकेत भी सामने आया है। Israel और Lebanon के बीच राजनयिक स्तर की वार्ता गुरुवार को होने जा रही है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है।
अमेरिका इन वार्ताओं की मेजबानी करेगा, जिसमें कई वरिष्ठ राजनयिक शामिल होंगे। इससे पहले 14 अप्रैल को हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम समझौता हुआ था।
हालांकि, हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। अमेरिकी सेना की United States Central Command ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष विराम के बावजूद सभी सैन्य इकाइयां पूरी तरह तैयार हैं और अपनी रणनीति व संसाधनों को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
पाकिस्तान का मानना है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और जल्द ही ईरान वार्ता की मेज पर लौट सकता है। Pakistan ने शांति वार्ता के लिए व्यापक तैयारियां कर रखी हैं, ताकि दोनों पक्षों को एक मंच पर लाया जा सके।
मौजूदा घटनाक्रम से साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव और कूटनीति दोनों साथ-साथ चल रहे हैं, जहां एक ओर संघर्ष विराम जारी है, वहीं दूसरी ओर स्थायी शांति के लिए प्रयास भी तेज हो गए हैं।






