कच्चे तेल में तेजी बरकरार: ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। Brent Crude 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि West Texas Intermediate (WTI) 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद सीजफायर की समय-सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन इसका असर तेल की कीमतों पर सीमित ही दिखाई दे रहा है। बीते दो दिनों में ब्रेंट क्रूड में करीब 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जो बाजार में बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारण सप्लाई की अनिश्चितता है। जब तक वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में स्थिरता आना मुश्किल माना जा रहा है।
तेल बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र Strait of Hormuz है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक इस क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं होते और स्थायी शांति समझौता नहीं होता, तब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी पड़ सकता है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संकट के शुरुआती दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। हालांकि, बीच-बीच में युद्धविराम और उसके विस्तार की घोषणाओं के कारण कीमतों में कुछ गिरावट आई है, लेकिन सप्लाई में कमी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।






