दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा जारी, 30 दिनों तक दे सकेंगे सुझाव

Delhi सरकार ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026’ का मसौदा जारी कर दिया है, जिस पर आम जनता 30 दिनों तक यानी 11 मई 2026 तक अपने सुझाव दे सकती है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
परिवहन विभाग के अनुसार, नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को किफायती बनाने के लिए आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए पहले साल में अधिकतम 30 हजार रुपये, दूसरे साल 20 हजार रुपये और तीसरे साल 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
ई-ऑटो (थ्री-व्हीलर) के लिए पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार और तीसरे साल 30 हजार रुपये की सहायता प्रस्तावित है। वहीं ई-ट्रक के लिए पहले साल एक लाख रुपये तक और आगे के वर्षों में इससे अधिक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान रखा गया है।
सरकार ने पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग बोनस भी प्रस्तावित किया है। इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जबकि टू-व्हीलर, ऑटो और हल्के ट्रक के लिए भी अलग-अलग बोनस तय किए गए हैं।
इसके अलावा 31 मार्च 2030 तक 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ करने का प्रस्ताव है।
ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए Delhi Transco Limited को नोडल एजेंसी बनाया गया है। नई नीति के तहत सभी वाहन डीलर्स को अपने शोरूम पर पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा और चार्जिंग पॉइंट के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा।
सरकार ने भविष्य के लिए समयसीमा भी तय की है। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का नया रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। वहीं 2030 तक स्कूलों की कम से कम 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति पहली बार 2020 में लागू हुई थी, जिसे 2023 तक बढ़ाया गया था। नई नीति के जरिए सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।






