महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती : राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष ने प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की

Jyotirao Phule की 200वीं जयंती के अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu, उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan, प्रधानमंत्री Narendra Modi, लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh सहित कई वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री JP Nadda, Virendra Kumar, Arjun Ram Meghwal, लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi, लोकसभा महासचिव Utpal Kumar Singh सहित कई सांसदों और पूर्व सांसदों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
महात्मा ज्योतिराव फुले 19वीं सदी के भारत के प्रमुख सामाजिक सुधारकों में से एक थे। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को दूर करने, गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने वर्ष 1873 में Satyashodhak Samaj की स्थापना की, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त भेदभाव और शोषण को समाप्त करना था। फुले ने कृषि के महत्व, किसानों के कल्याण और वैज्ञानिक शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया।
वे 1876 से 1882 तक पुणे नगर पालिका के सदस्य रहे और वर्ष 1888 में उन्हें समाज सुधार में योगदान के लिए ‘महात्मा’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।
संसद भवन परिसर में स्थापित उनकी 12 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा, जिसे Ram V. Sutar ने तैयार किया था, का अनावरण 3 दिसंबर 2003 को पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee द्वारा किया गया था। यह प्रतिमा आज प्रेरणा स्थल पर देशवासियों को सामाजिक समानता और न्याय का संदेश देती है।






