सीजफायर संकट से कच्चे तेल में उछाल, डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.5% से ज्यादा चढ़ा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। Brent Crude और WTI Crude दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में मजबूती दर्ज की गई है।
ब्रेंट क्रूड में 2.50 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई, जबकि WTI क्रूड 3.50 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया। भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे ब्रेंट क्रूड करीब 97.28 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 97.72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इस तेजी की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और सीजफायर के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता है। इजराइल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है।
ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया के 20 से 30 प्रतिशत तक कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इसके बाधित होने से सप्लाई पर गंभीर असर पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सीजफायर पूरी तरह विफल होता है, तो पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ सकते हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और कच्चे तेल के साथ-साथ प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी और उछाल आ सकता है।
इस स्थिति ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका को जन्म दे दिया है। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम एशिया में होने वाले अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है, जो आगे की कीमतों की दिशा तय करेगा।






