भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कृषि सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘एग्रीमैत्री’ पहल की शुरुआत

भारत और Australia के बीच कृषि व्यवसाय सहयोग को नई दिशा देने के लिए ‘एग्रीमैत्री’ पहल की शुरुआत की गई है। यह पहल दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में साझेदारी, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस पहल के तहत Western Sydney University ने एक विशेष राउंडटेबल बैठक का आयोजन किया, जिसका पहला सत्र नई दिल्ली स्थित Australian High Commission में आयोजित हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘एग्रीमैत्री इंडिया राउंडटेबल’ का उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तैयार करना है।

बहु-क्षेत्रीय भागीदारी

इस कार्यक्रम में सरकार, उद्योग, एग्रीटेक कंपनियों, शोध संस्थानों, शिक्षा जगत और व्यापार संगठनों से जुड़े 58 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे दोनों देशों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग का मजबूत आधार तैयार हुआ।

‘मैत्री’ से सहयोग की नई दिशा

इस परियोजना का नेतृत्व कर रहीं Vanita Yadav ने कहा कि यह पहल विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय बढ़ाकर कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि ‘मैत्री’ शब्द संस्कृत में मित्रता का प्रतीक है, जो इस पहल की मूल भावना को दर्शाता है—दोनों देशों की पूरक ताकतों को जोड़ना।

विचार से क्रियान्वयन तक

Basant Maheshwari ने कहा कि यह पहल केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ठोस परियोजनाओं में बदलने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल सके।

यह पहल Australia India Relations Centre के तहत मिलने वाले ‘मैत्री रिसर्च ग्रांट’ से समर्थित है, जो Department of Foreign Affairs and Trade के अंतर्गत कार्य करता है।

रणनीतिक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एग्रीमैत्री’ पहल भारत और Australia के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह न केवल नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देगी, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करेगी।

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