तमिलनाडु में सौर ऊर्जा बनी सहारा, गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को संभालने में मिल रही मदद

तमिलनाडु में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग में तेज़ उछाल देखा जा रहा है, लेकिन सौर ऊर्जा उत्पादन में आई उल्लेखनीय वृद्धि इस दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभा रही है।
तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अनुसार, राज्य में सौर ऊर्जा की निकासी ने हाल ही में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। 24 मार्च को 54.8 मिलियन यूनिट (एमयू) और 27 मार्च को 55.6 एमयू उत्पादन दर्ज किया गया, जो अगस्त 2025 के पिछले रिकॉर्ड 53.9 एमयू से अधिक है।
इन दिनों कुल बिजली खपत में सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 13 प्रतिशत रहा, जो राज्य के ऊर्जा मिश्रण में इसकी बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
गर्मी के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के उपयोग में बढ़ोतरी से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। राज्य में बिजली की खपत 423.887 एमयू तक पहुंच चुकी है, जो इस मौसम का अब तक का उच्चतम स्तर है।
दिन के समय सौर ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति ने ग्रिड पर दबाव कम किया है और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में मदद की है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में तमिलनाडु ने 1,745.24 एमयू सौर ऊर्जा का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
राज्य में सौर ऊर्जा क्षमता में भी तेजी से विस्तार हुआ है। मार्च 2022 में 5,303 मेगावाट से बढ़कर यह अब 12,352 मेगावाट तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा का यह बढ़ता उपयोग न केवल बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद कर रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।






