नोवुस लॉयल्टी IPO की फ्लैट लिस्टिंग, पहले ही दिन लगा लोअर सर्किट, निवेशकों को नुकसान

टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर नोवुस लॉयल्टी लिमिटेड के आईपीओ ने लिस्टिंग के पहले ही दिन निवेशकों को निराश कर दिया। कंपनी के शेयर फ्लैट लिस्टिंग के बाद तुरंत बिकवाली के दबाव में आ गए और लोअर सर्किट तक फिसल गए।
फ्लैट लिस्टिंग, फिर गिरावट
आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 146 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे। बीएसई के SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग भी इसी स्तर पर हुई, लेकिन कुछ ही समय में शेयर गिरकर 138.70 रुपये के लोअर सर्किट तक पहुंच गया।
इस तरह निवेशकों को पहले दिन ही करीब 5% यानी 7.30 रुपये प्रति शेयर का नुकसान उठाना पड़ा।
IPO को मिला था औसत रिस्पॉन्स
कंपनी का ₹60.15 करोड़ का आईपीओ 17 से 20 मार्च के बीच खुला था, जिसे कुल 1.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- QIB: 1.38 गुना
- NII: 1.17 गुना
- रिटेल: 1.82 गुना
IPO का उपयोग और स्ट्रक्चर
इस इश्यू के तहत कुल 41.20 लाख शेयर जारी किए गए, जिसमें
- 30.70 लाख नए शेयर
- 8.20 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS)
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपग्रेडेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, हायरिंग और मार्केटिंग में करेगी।
वित्तीय स्थिति मजबूत लेकिन बाजार में कमजोरी
हालांकि कंपनी की वित्तीय स्थिति में लगातार सुधार देखा गया है:
- शुद्ध लाभ: ₹55 लाख (2022-23) से बढ़कर ₹3.58 करोड़ (2024-25)
- राजस्व: ₹59.61 करोड़ से बढ़कर ₹104.63 करोड़
- कर्ज: पूरी तरह समाप्त
इसके बावजूद बाजार में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा।
विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आईपीओ को मिला औसत सब्सक्रिप्शन और मौजूदा बाजार की अस्थिरता के कारण लिस्टिंग पर दबाव बना रहा।
नोवुस लॉयल्टी का यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत देता है, खासकर SME IPO में निवेश करते समय जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।






