नेपाल में मंत्रिमंडल गठन पर मंथन तेज, प्रमुख पदों के लिए दावेदारों में कड़ी प्रतिस्पर्धा

नेपाल में नई सरकार के गठन से पहले राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के भीतर मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए मंथन तेज हो गया है।

पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने और वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह के गुट संभावित उम्मीदवारों की गहन जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं।

🏛️ प्रमुख पदों पर कड़ी प्रतिस्पर्धा

भारी जनादेश के बाद पार्टी अब:

  • मंत्रियों
  • स्पीकर
  • मुख्य सचेतक
  • संसदीय समितियों के अध्यक्ष

जैसे अहम पदों के लिए नाम तय करने में लगी है।

वित्त मंत्रालय के लिए अर्थशास्त्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि अन्य मंत्रालयों पर फैसला अभी बाकी है।

⚖️ 50 से अधिक दावेदार, चयन चुनौतीपूर्ण

मंत्रिस्तरीय और संसदीय पदों के लिए:

  • 50+ दावेदार मैदान में
  • चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी

बताया जा रहा है कि बालेन्द्र शाह लगभग 18 सदस्यीय छोटा मंत्रिमंडल बनाना चाहते हैं, जबकि संविधान के अनुसार अधिकतम 25 सदस्य बनाए जा सकते हैं।

🔍 गुटों में क्रॉस-वेरिफिकेशन

दोनों प्रमुख गुट एक-दूसरे के उम्मीदवारों की जांच कर रहे हैं:

  • बालेन गुट के नामों की समीक्षा लामिछाने खेमे द्वारा
  • लामिछाने गुट के नामों की जांच शाह के सचिवालय द्वारा

इससे चयन प्रक्रिया और सख्त हो गई है।

✅ पारदर्शिता और योग्यता पर जोर

हालिया बैठक में रवि लामिछाने, बालेन्द्र शाह, डॉ. स्वर्णिम वाग्ले और डीपी अर्याल के बीच सहमति बनी कि:

  • उम्मीदवार पारदर्शी और विवादमुक्त हों
  • पेशेवर योग्यता को प्राथमिकता दी जाए
  • सार्वजनिक और निजी पृष्ठभूमि की जांच हो

पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने कहा कि सभी नामों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि केवल सक्षम और निष्पक्ष उम्मीदवारों का चयन हो सके।

🎯 विशेषज्ञों को मिलेगी प्राथमिकता

पार्टी का फोकस है कि:

  • संबंधित मंत्रालयों में विषय विशेषज्ञ नियुक्त हों
  • निर्णय प्रक्रिया प्रोफेशनल और प्रभावी बने

सह-महासचिव बिपिन आचार्य ने कहा कि कई सक्षम नेताओं में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना “सकारात्मक चुनौती” है।

Share

Similar Posts