पश्चिम एशिया संकट का असर: डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

श्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ नजर आने लगा है। भारत की मुद्रा रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है।
रिकॉर्ड गिरावट दर्ज
आज के कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर 93.28 के स्तर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद में मामूली सुधार के साथ यह 93.20 के आसपास कारोबार करता दिखा।
रुपये ने दिन की शुरुआत भी कमजोरी के साथ 92.64 के स्तर से की थी और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण लगातार दबाव में रहा।
अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी कमजोरी
रुपया सिर्फ डॉलर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी कमजोर हुआ:
ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 125.01
यूरो के मुकाबले 107.77
गिरावट की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार रुपये की कमजोरी के पीछे कई कारण हैं:
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध
डॉलर की मजबूती
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी है और रुपये पर दबाव आया है।
अर्थव्यवस्था पर संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर बड़ा आर्थिक दबाव पड़ेगा।
इस स्थिति में:
महंगाई बढ़ सकती है
आयात बिल बढ़ेगा
रुपये में और गिरावट संभव है
फिलहाल बाजार की नजर वैश्विक हालात पर टिकी हुई है। अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो भारतीय मुद्रा पर दबाव और बढ़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।







