द्रौपदी मुर्मु ने अपने तीन दिवसीय मथुरा प्रवास के दौरान वृंदावन पहुंचकर प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा-अर्चना की। उनके इस दौरे ने ब्रज क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को एक नई पहचान दी।
इस्कॉन मंदिर में पूजा और बच्चों से संवाद
राष्ट्पति सबसे पहले इस्कॉन मंदिर वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने राधा-श्यामसुंदर के विग्रह का विधि-विधान से पूजन और आरती की। मंदिर के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर उनका यह दौरा विशेष रहा।
पूजन के बाद राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में बच्चों से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट बांटी। उन्होंने मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति भावना की सराहना करते हुए दोबारा आने की इच्छा भी व्यक्त की।
प्रेम मंदिर में आरती और लेजर शो का आनंद
इसके बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर वृंदावन पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने परिवार के साथ प्रसिद्ध वाटर लेजर शो का आनंद लिया और गर्भगृह में श्री राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप की आरती उतारी।
राष्ट्रपति ने मंदिर की परिक्रमा कर प्रथम तल पर स्थित श्री सीता-राम के भी दर्शन किए। मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें प्रसाद, तुलसी माला और धार्मिक साहित्य भेंट किया गया।
कड़े सुरक्षा इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अनुपम कुलश्रेष्ठ और श्लोक कुमार ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।
इस अवसर पर आनंदीबेन पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।