राज्यसभा में खुलासा: पश्चिम बंगाल के तीन विश्वविद्यालय 2021 से NAAC मान्यता के बिना संचालित

पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब राज्यसभा में यह खुलासा हुआ कि राज्य के तीन प्रमुख विश्वविद्यालय 2021 से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की मान्यता के बिना संचालित हो रहे हैं।
📊 किन विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त
राज्यसभा में सरकार द्वारा दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार, निम्नलिखित विश्वविद्यालयों की NAAC मान्यता समाप्त हो चुकी है:
रवींद्र भारती विश्वविद्यालय
गौर बंग विश्वविद्यालय
कल्याणी विश्वविद्यालय
इन तीनों संस्थानों की मान्यता वर्ष 2021 में समाप्त हो गई थी।
👤 सरकार का बयान
पश्चिम बंगाल से सांसद और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि इन विश्वविद्यालयों ने अब तक री-एक्रेडिटेशन के लिए आवेदन भी नहीं किया है, जो एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
📚 NAAC मान्यता का महत्व
सरकार के अनुसार, NAAC मान्यता उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे:
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मिलने वाला अनुदान
स्वायत्तता का दर्जा
शैक्षणिक सुविधाएं
जुड़ी होती हैं।
UGC अधिनियम की धारा 12B के तहत वित्तीय सहायता केवल उन्हीं संस्थानों को दी जाती है, जिनके पास आवश्यक मान्यता होती है।
⚠️ विशेषज्ञों की चिंता
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख विश्वविद्यालयों का लंबे समय तक NAAC मान्यता के बिना संचालन शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
📌 आगे क्या?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विश्वविद्यालय कब तक पुनः मान्यता के लिए आवेदन करते हैं और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।






