भिंड में ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू, टोल प्लाजा पर हंगामा; संतों का धरना, तोमर पहुंचे

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में ग्वालियर–भिंड–इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को मालनपुर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू हो गया। आंदोलन शुरू होते ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने टोल प्लाजा पर हंगामा कर दिया और ऑनलाइन टोल कटने का विरोध करते हुए टोल बूथ में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में संत समाज और स्थानीय लोग बरैठा टोल प्लाजा पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान दुधाधारी महाराज ने भी धरना स्थल पर धूनी रमाई। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने टोल बूथ पर लगे कैमरे को तोड़ दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आंदोलन की सूचना मिलने पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौके पर पहुंचे और संतों से मुलाकात की। उन्होंने संतों से कहा कि सरकार पूरी तरह उनके साथ है। करीब पांच मिनट की मुलाकात के बाद वे वहां से लौट गए। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर भले ही टोल फ्री होने की बात कही जा रही हो, लेकिन स्कैनर के जरिए गुजरने वाले वाहनों से ऑनलाइन टोल वसूला जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी है।
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिंड पुलिस ने मालनपुर से पहले और ग्वालियर पुलिस ने बरैठा ओवरब्रिज के पास से भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया है। आंदोलन को कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने भी संबोधित किया और सड़क की खराब स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-719 के चौड़ीकरण का प्रस्ताव करीब दो साल से लंबित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण इसे ‘मौत का हाईवे’ कहा जाने लगा है और यहां लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। इसी मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन की तैयारी चल रही थी।






