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भोपाल में ट्रेन हादसे की मॉक ड्रिल: कोच काटकर निकाले यात्री, एनडीआरएफ के साथ रेस्क्यू अभ्यास

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के पास स्थित Sukhi Sewania Railway Station पर गुरुवार को ट्रेन दुर्घटना की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में ऐसा दृश्य तैयार किया गया मानो वास्तविक रेल हादसा हुआ हो। बोगियों को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया और कई यात्रियों के अंदर फंसे होने की स्थिति बनाई गई, ताकि राहत और बचाव टीमों की तैयारियों को परखा जा सके।

सुबह करीब 11 बजे रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई कि स्टेशन के पास एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और कई यात्री घायल हैं। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। कुछ ही मिनटों में रेलवे की टीमें मौके पर पहुंचीं और National Disaster Response Force के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। साथ ही एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तुरंत बुलाया गया।

ड्रिल के दौरान यह दिखाया गया कि दुर्घटना के बाद कई यात्री बोगियों में फंस गए हैं। रेस्क्यू टीम ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर, दरवाजों और छत को गैस कटर से काटकर अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंच बनाई। सीढ़ियों और विशेष उपकरणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

कुछ यात्रियों को बोगियों के नीचे फंसा हुआ दिखाया गया। ऐसे मामलों में एयरबैग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कोच को थोड़ा ऊपर उठाया गया और नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद रेलवे मेडिकल टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने और घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।

इस मॉक ड्रिल के दौरान भोपाल मंडल रेल प्रबंधक Pankaj Tyagi भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने राहत-बचाव टीमों की तैयारियों का जायजा लिया और आपात स्थिति में तेजी से समन्वय और बचाव कार्य करने की क्षमता का आकलन किया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित रेल दुर्घटनाओं के समय राहत और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है।

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