उज्जैनः विक्रम उत्सव 2026 में आज से ‘अनहद’ वैचारिक समागम, तीन दिन तक संगीत पर मंथन

मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत आज से तीन दिवसीय वैचारिक समागम ‘अनहद – संगीत का उद्भव एवं विकास’ का आयोजन किया जा रहा है। यह समागम महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अभिरंग सभागार, कालिदास अकादमी, उज्जैन में होगा। श्रीराम तिवारी, निदेशक, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ ने बताया कि इस समागम में देश के प्रख्यात विद्वान और संगीतज्ञ संगीत के उद्भव, विकास तथा भारतीय परंपरा में इसके महत्व पर अपने विचार साझा करेंगे।
इस समागम में भाग लेने वाले प्रमुख वक्ताओं में पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित, पं. अर्जुन भारद्वाज, शतावधानी आर. गणेश, डॉ. पुरुदधीच, डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी, पं. बालकृष्ण शर्मा, पं. श्रीहरि गोकर, पं. गोस्वामी रणछोड़दास, रुद्रवीणा ज्योति हेगड़े, डॉ. पंकज माला शर्मा और डॉ. इन्द्राणी चक्रवर्ती शामिल हैं।
समागम का शुभारंभ मंगलाचरण से होगा, जिसमें ध्रुपद संस्थान भोपाल, सप्तक स्कूल ऑफ म्यूजिक अहमदाबाद, मेहर बैंड मेहर, सूर्य गायत्री, रुद्रवीणा ज्योति हेगड़े और मृणालिनी देसाई की प्रस्तुतियां शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त संगीत कार्यक्रमों में विदुषी देवकी पंडित, पं. रूपक कुलकर्णी (बांसुरी), पं. मैसूर मंजुनाथ (वायलिन) और पं. साजन मिश्र अपनी प्रस्तुति देंगे।
आयोजकों ने संगीत प्रेमियों, शोधार्थियों और नागरिकों से इस तीन दिवसीय संगीत वैचारिक समागम में सहभागिता करने का आग्रह किया है।






