आर्थिक सर्वे: अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अहम संकेत दिए गए। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर जारी बातचीत इस वर्ष पूरी होने की उम्मीद है, जिससे भारत के लिए बाहरी मोर्चे पर बनी अनिश्चितताओं में कमी आ सकती है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान में भारत को वैश्विक स्तर पर कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कोई बड़ी आर्थिक समस्या नहीं है। सर्वे में कहा गया है कि भारत के लिए वैश्विक परिस्थितियां अब तात्कालिक व्यापक आर्थिक दबाव की बजाय बाहरी अनिश्चितताओं के रूप में उभर रही हैं।
संसद में पेश समीक्षा में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रमुख व्यापार साझेदार देशों में धीमी आर्थिक वृद्धि, शुल्क (टैरिफ) के कारण व्यापार बाधाएं और पूंजी प्रवाह में अस्थिरता समय-समय पर भारत के निर्यात और निवेशक धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, आर्थिक सर्वे का मानना है कि मजबूत घरेलू बुनियादी कारक इन प्रभावों को संतुलित करने में सहायक हो सकते हैं।
गौरतलब है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत मार्च 2025 से चल रही है। अब तक इस पर छह दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता इस वर्ष अंतिम रूप ले लेता है, तो इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को केंद्रीय बजट से पहले सरकार की आर्थिक सोच और नीतिगत दिशा का संकेतक माना जा रहा है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेतों को आने वाले बजट और आर्थिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।






