भारत-यूरोपीय संघ ने 6जी समेत अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों में रणनीतिक सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत और यूरोपीय संघ ने 6जी दूरसंचार सहित अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस सहयोग में सुरक्षा, विश्वास और लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर विशेष ध्यान देने पर सहमति जताई गई है।
संचार मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन और यूरोपीय संघ के आयुक्तों की भारत यात्रा के दौरान जारी नेताओं के वक्तव्यों में यह प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने आई। नेताओं ने भारत‑यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद के तहत उन्नत और उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
मंत्रालय ने इस सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि दूरसंचार, डिजिटल बुनियादी ढांचे और वैश्विक मानक विकास जैसे क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को और गहराई दी जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, उन्नत दूरसंचार में मजबूत साझेदारी विश्वसनीय, सुरक्षित और लचीले वैश्विक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे नागरिकों, उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को व्यापक लाभ मिलेगा।
संचार मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के साथ यह सहयोग दूरसंचार विभाग द्वारा निर्देशित भारत के राष्ट्रीय 6जी विजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य भारत को 6जी प्रौद्योगिकी विकास में एक वैश्विक योगदानकर्ता और अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना है, साथ ही सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करना भी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ के बीच यह रणनीतिक डिजिटल सहयोग आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी मानकों, नवाचार और सुरक्षित कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकता है।






