अमागी मीडिया की स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत, आईपीओ निवेशक घाटे में

मीडिया सेक्टर से जुड़ी कंपनी अमागी मीडिया लैब्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत की, जिससे इसके आईपीओ निवेशकों को निराशा हाथ लगी। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 361 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे, लेकिन आज बीएसई पर करीब 12 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 317 रुपये और एनएसई पर 318 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुए।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से शेयरों में कुछ रिकवरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे तक के कारोबार के बाद अमागी मीडिया के शेयर 349.30 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। हालांकि, इसके बावजूद आईपीओ निवेशक अभी भी प्रति शेयर 11.70 रुपये यानी 3.24 प्रतिशत के नुकसान में बने हुए हैं।

अमागी मीडिया लैब्स का 1,788.62 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 16 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह कुल 30.24 गुना सब्सक्राइब हुआ।

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 33.13 गुना

  • नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 38.26 गुना

  • रिटेल इन्वेस्टर्स: 9.54 गुना

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,95,46,221 शेयर जारी किए गए। इनमें 816 करोड़ रुपये के 2,26,03,878 नए शेयर और 973 करोड़ रुपये के 2,69,42,343 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और अन्य सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो सेबी के पास दाखिल डीआरएचपी के अनुसार अमागी मीडिया की सेहत में लगातार सुधार हुआ है।

  • शुद्ध लाभ / घाटा:

    • FY 2022-23: ₹321.27 करोड़ का घाटा

    • FY 2023-24: ₹245 करोड़ का घाटा

    • FY 2024-25: ₹68.71 करोड़ का घाटा

    • अप्रैल–सितंबर 2025: ₹6.47 करोड़ का शुद्ध लाभ

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • FY 2022-23: ₹724.72 करोड़

  • FY 2023-24: ₹942.24 करोड़

  • FY 2024-25: ₹1,223.31 करोड़

  • 30 सितंबर 2025 तक: ₹733.93 करोड़

एक सकारात्मक पहलू यह है कि अमागी मीडिया 2022-23 से अब तक पूरी तरह कर्ज मुक्त बनी हुई है।

कुल मिलाकर, अमागी मीडिया की कमजोर लिस्टिंग ने शॉर्ट-टर्म निवेशकों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन घाटे में लगातार कमी और हालिया मुनाफा कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस आउटलुक को लेकर निवेशकों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

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