राष्ट्रीय पुनर्जागरण का शताब्दी पर्व: दीपक जैन “टीनू” का संदेश

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2025 – दीपक जैन “टीनू”, भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी, ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि संघ ने राष्ट्र जीवन में केवल संगठन नहीं बल्कि संस्कार, अनुशासन और समर्पित नागरिकता का बोध करवाया है।

दीपक जैन ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि बाल्यकाल में शाखा में शामिल होने पर उन्हें यह अहसास हुआ कि संघ केवल खेल या व्यायाम का स्थान नहीं है, बल्कि यह समाज के साथ जुड़ने, त्याग और अनुशासन की शिक्षा देने वाला संस्थान है।


उन्होंने संघ के सांस्कृतिक योगदान और भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जगाने वाले कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक संघ ने शिक्षा, समाज-सेवा और नेतृत्व निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है।
सामाजिक जीवन में संघ की भूमिका पर दीपक जैन ने कहा कि संघ ने कभी सत्ता या यश की आकांक्षा नहीं की और हर आपदा या सेवा के अवसर पर स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से उपस्थित रहे। कोरोना महामारी, बाढ़ राहत और अन्य सामाजिक कार्यों में संघ ने सेवा को ही मूल माना।
उन्होंने संघ की वैचारिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना पर भी जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय उत्थान तब होता है जब व्यक्ति राष्ट्र को अपने परिवार की तरह मानता है। संघ के संस्कारों और शिक्षा से नई पीढ़ी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित हुई है।
शताब्दी वर्ष का संदेश दीपक जैन के अनुसार केवल बीते सौ वर्षों का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले सौ वर्षों का संकल्प है। यह संकल्प भारत को विश्व में सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक मार्गदर्शक के रूप में प्रतिष्ठित करने का है।
दीपक जैन ने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण में वे स्वयं संघ की विचारधारा और सेवा भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए सार्थक और परिणामदायक प्रयास जारी रखेंगे, और यही उनका व्यक्तिगत प्रण एवं श्रद्धांजलि है।






