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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 को किया संबोधित, कहा – भारत की डिजिटल व्यवस्था नवाचार और समावेशन के लिए वैश्विक मानक स्थापित कर रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की डिजिटल व्यवस्था नवाचार और समावेशन के लिए दुनिया में एक नया मानक स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के कारण आज भारत विश्व के सबसे अधिक तकनीकी रूप से समावेशी समाजों में से एक बन गया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में हर महीने यूपीआई (UPI) के माध्यम से 25 लाख करोड़ रुपये के 20 अरब से अधिक लेनदेन हो रहे हैं, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

इस अवसर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी कहा कि भारत और ब्रिटेन फिनटेक क्षेत्र में स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टारमर ने सीईओ फोरम को भी संबोधित किया और कहा कि इस वर्ष वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत-ब्रिटेन संबंध और मजबूत हुए हैं। दोनों नेताओं ने दूरसंचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, साइबर और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता युवाओं के लिए नए रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार को नई दिशा देगा।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि भारत और ब्रिटेन भविष्य केंद्रित आधुनिक साझेदारी की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती और एक-दूसरे के बाजारों तक पहुँच बढ़ाने से विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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