आज महालया अमावस्या, पितृ पक्ष का अंतिम दिन – पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि का विशेष अवसर

आज अश्विन मास की अमावस्या के अवसर पर पितृ पक्ष का समापन हो रहा है। महालया अमावस्या को पितृ पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है और इस दिन पूर्वजों के लिए विशेष श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की परंपरा है।

सनातन धर्म में पितृ पक्ष का 15 दिन का पर्व भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक चलता है। मान्यता है कि इन दिनों पितरों की आत्माएं धरती पर आती हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देकर वापस जाती हैं।

महालया अमावस्या को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया श्राद्ध पूर्वजों को मोक्ष प्रदान करता है और परिवार में सुख-समृद्धि लाता है। इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हुई थी और आज 21 सितंबर को इसका समापन हो रहा है। देशभर में लोग अपने घरों और पवित्र स्थलों पर श्राद्ध और तर्पण कर पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

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