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सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में डिजिटल अंधेरा

लेह, लद्दाख में 24 सितंबर से भड़की हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने तनाव बढ़ा दिया है। 26 सितंबर को लेह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जहां उन पर हिंसक प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया गया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए।

सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और पर्यावरणीय मुद्दों पर आंदोलन का नेतृत्व किया था। गिरफ्तारी के बाद लेह में कर्फ्यू लगाया गया, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गईं, और ब्रॉडबैंड की स्पीड धीमी कर दी गई। इससे स्थानीय निवासियों को संवाद करने और बाहरी दुनिया से जुड़ने में कठिनाई हो रही है।

वांगचुक को ‘3 इडियट्स’ फिल्म के प्रेरणा स्रोत के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने SECMOL नामक एनजीओ की स्थापना की, जो लद्दाख के युवाओं को शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सशक्त बनाता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस डिजिटल ब्लैकआउट को अस्थायी बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रदर्शनों को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।

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