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कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर दो बड़े आरोप: अवैध वसूली और लापरवाही की जांच; जिम्मेदारी IPS अनु बेनीवाल को सौंपी गई

कटनी। कटनी में पदस्थ CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ दो गंभीर शिकायतों की जांच अब जबलपुर स्थानांतरित कर दी गई है। जबलपुर आईजी के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी IPS अनु बेनीवाल को सौंपी गई है। प्रारंभिक जांच के दौरान शिकायतकर्ता और कुछ संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

ट्रांसपोर्टर ने लगाए वसूली के आरोप
कटनी के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र जैन ने 22 जुलाई को एसपी अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी रोककर 30 हजार रुपए की कथित मांग की गई। आवेदन में दावा किया गया कि 25 हजार रुपए मौके पर लिए गए, जबकि शेष 5 हजार रुपए बाद में चालक के माध्यम से देने की बात कही गई थी।

शिकायत के साथ कुछ कथित साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए थे। मामले को गंभीर मानते हुए एसपी ने CSP के चालक आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। प्रारंभिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य को सौंपी गई थी।

शिकायतकर्ता ने कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही
मामले के बाद ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया जारी रहेगी और केवल वीडियो आने से जांच बंद नहीं की गई है।

तीन थानों का प्रभार वापस लिया गया
कटनी एसपी ने नया कार्य विभाजन आदेश जारी करते हुए कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार CSP नेहा पच्चीसिया से वापस ले लिया। इन थानों की जिम्मेदारी अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दी गई है।

हत्या केस में चालान में देरी पर भी जांच शुरू
नेहा पच्चीसिया एक अन्य मामले में भी विभागीय जांच के दायरे में आ गई हैं। जानकारी के अनुसार, हत्या के एक प्रकरण में 90 दिन के भीतर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई। आरोपी ने न्यायालय में परिवाद दायर कर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।

IPS अनु बेनीवाल को सौंपी गई दोनों मामलों की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जबलपुर IPS अनु बेनीवाल दोनों मामलों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आईजी जबलपुर को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल पुलिस विभाग का कहना है कि दोनों शिकायतों की जांच जारी है और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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