इनामी राशि विवाद गहराया, खिलाड़ी कर सकते हैं फ्रेंच ओपन 2026 का बहिष्कार

French Open 2026 की इनामी राशि को लेकर खिलाड़ियों और आयोजकों के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। खिलाड़ियों का आरोप है कि टूर्नामेंट की कुल कमाई में उन्हें उचित हिस्सा नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते अब बहिष्कार की संभावना भी जताई जा रही है।

विश्व नंबर एक Jannik Sinner ने गुरुवार को कहा कि खिलाड़ी खुद को सम्मानित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इनामी राशि में संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं हुई, तो खिलाड़ी फ्रेंच ओपन के बहिष्कार पर विचार कर सकते हैं।

खिलाड़ियों ने मांगी 22 प्रतिशत हिस्सेदारी

Aryna Sabalenka ने खिलाड़ियों के समर्थन में खुलकर आवाज उठाते हुए कहा कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट की कुल आय का 15 प्रतिशत से भी कम हिस्सा मिल रहा है, जबकि उनकी मांग 22 प्रतिशत हिस्सेदारी की है।

मौजूदा रोलां गैरों चैंपियन Coco Gauff ने भी खिलाड़ियों के पक्ष का समर्थन किया। खिलाड़ियों का कहना है कि टेनिस जैसे बड़े खेल में उनकी मेहनत और लोकप्रियता के मुकाबले आर्थिक हिस्सेदारी काफी कम है।

9.5 प्रतिशत बढ़ोतरी से खिलाड़ी संतुष्ट नहीं

फ्रेंच ओपन आयोजकों ने हाल ही में कुल इनामी राशि में 9.5 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए इसे 6 करोड़ 17 लाख यूरो करने की घोषणा की थी।

हालांकि खिलाड़ियों ने कहा कि इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होता। खिलाड़ियों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि 2024 में कुल आय में खिलाड़ियों की हिस्सेदारी 15.5 प्रतिशत थी, जो 2026 में घटकर अनुमानित 14.9 प्रतिशत रह सकती है।

जोकोविच ने किया समर्थन

Novak Djokovic ने भी खिलाड़ियों के समर्थन में खुलकर बयान दिया। उन्होंने खास तौर पर सबालेंका की सराहना करते हुए कहा कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सभी खिलाड़ियों के हित के लिए आवाज उठा रही हैं।

जोकोविच ने कहा कि यही असली नेतृत्व है और उन्हें उम्मीद है कि खिलाड़ी आगे भी अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहेंगे।

गौरतलब है कि जोकोविच लंबे समय से खिलाड़ियों के अधिकारों की पैरवी करते रहे हैं और वह Professional Tennis Players Association (पीटीपीए) के संस्थापकों में शामिल हैं।

पीटीपीए का कहना है कि यह विवाद टेनिस व्यवस्था में बड़े सुधार की जरूरत को उजागर करता है।

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