मूडीज: वैश्विक संकटों के बीच भारत सबसे मजबूत और लचीली अर्थव्यवस्था

New Delhi में जारी एक ताजा रिपोर्ट में वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि भारत वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक संकटों के बीच सबसे लचीली और मजबूत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

Moody’s Ratings की रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास विशाल विदेशी मुद्रा भंडार है, जिसने वैश्विक झटकों के दौरान मुद्रा की अस्थिरता को नियंत्रित करने और निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की मौद्रिक नीति रूपरेखा स्पष्ट और भरोसेमंद है, जबकि मुद्रास्फीति अपेक्षाएं स्थिर बनी हुई हैं। जरूरत पड़ने पर विनिमय दरों में समायोजन की क्षमता भी भारत को आर्थिक झटकों से निपटने में सक्षम बनाती है।

मूडीज के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू वित्त पोषण पर अधिक निर्भर है, जिसे मजबूत स्थानीय बाजार और बेहतर विदेशी मुद्रा भंडार का समर्थन मिलता है। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि देश का अपेक्षाकृत उच्च सार्वजनिक ऋण और कमजोर राजकोषीय संतुलन भविष्य में नीतिगत चुनौतियां पैदा कर सकता है।

रिपोर्ट में 2020 की कोविड-19 महामारी, 2022 की वैश्विक मुद्रास्फीति, 2023 का अमेरिकी बैंकिंग संकट और 2025 के नए व्यापारिक दबावों जैसे कई वैश्विक आर्थिक झटकों का विश्लेषण किया गया है।

इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भारत को अन्य उभरते बाजारों जैसे ब्राजील, इंडोनेशिया, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की तुलना में बेहतर स्थिति में बताया गया है।

मूडीज का यह आकलन भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है, जो आने वाले वर्षों में निवेश और विकास के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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