सरगुजा सहकारी बैंक घोटाला: करोड़ों के फर्जीवाड़े की जांच अब ED के हाथों में

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में सामने आए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अपने हाथ में ले ली है।
इस मामले में लगभग ₹28 करोड़ के गबन और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है, जिसकी जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है।
घोटाले की शुरुआत पिछले वर्ष 2025 में ऑडिट के दौरान हुई थी, जब बैंक की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं में भारी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी। जांच में किसानों के केसीसी फंड, मनरेगा खातों और ग्राम पंचायतों की राशि के दुरुपयोग का खुलासा हुआ।
मामले में बैंक मैनेजर सहित कई अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी और कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
अब ईडी यह जांच कर रही है कि घोटाले की राशि को किन संपत्तियों में निवेश किया गया और किस तरह से उसे छुपाने की कोशिश की गई।
इसके साथ ही केरजू सहकारी समिति में भी ₹1.93 करोड़ के नए फर्जी लोन का मामला सामने आया है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
प्रशासनिक स्तर पर पहले ही कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि कुछ कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। अब ईडी की जांच से इस बड़े वित्तीय घोटाले में और खुलासे होने की संभावना है।






