मप्र कैबिनेट बैठक आज: दलहन उत्पादन में नंबर-1 बनने की तैयारी, किसानों को मिल सकता है बोनस

मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में आज एक अहम कदम उठाया जा सकता है। राजधानी Bhopal में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में दलहन उत्पादन को लेकर बड़े फैसले होने की संभावना है।
राज्य सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश में दलहन उत्पादन का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोनस योजना लाने की तैयारी की जा रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत पहले चरण में मसूर और उड़द की खेती करने वाले किसानों को प्रति क्विंटल बाजार मूल्य से अतिरिक्त बोनस दिया जा सकता है। वहीं दूसरे चरण में चना और तुअर जैसी प्रमुख दलहनी फसलों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों का रुझान दलहन की खेती की ओर बढ़ेगा, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी।
इसके साथ ही, प्रदेश में दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पांच नई दाल मिलों की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जा सकता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्पादन, प्रोत्साहन और प्रसंस्करण—इन तीनों पहलुओं पर एक साथ काम करके ही राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सकता है।
अगर ये प्रस्ताव मंजूर होते हैं, तो मध्य प्रदेश देश के कृषि मानचित्र पर दलहन उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।





