दूसरे चरण से पहले हावड़ा में ईडी की रेड, चावल कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले ईडी छापेमारी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने हावड़ा और उत्तर 24 परगना के हाबड़ा इलाके में कई स्थानों पर एक साथ रेड कार्रवाई शुरू की। इस दौरान चावल कारोबारियों के घरों और परिसरों की गहन तलाशी ली गई, जिसमें केंद्रीय बल के जवान भी साथ मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, यह ईडी छापेमारी कथित राशन घोटाले से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स से तड़के कई टीमें रवाना हुई थीं, जिन्होंने अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। बताया गया कि कुछ स्थानों पर अधिकारियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद दरवाजा खुलने पर तलाशी शुरू की गई।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, हावड़ा के कारोबारी समीर चंद और सागर साहा के आवासों पर भी ईडी की टीम पहुंची है, जहां जांच जारी है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की पड़ताल की जा रही है।
इस कार्रवाई का समय बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। इससे पहले भी पिछले कुछ हफ्तों में Enforcement Directorate विभिन्न मामलों में सक्रिय रही है, जिसमें कई नेताओं और कारोबारियों से पूछताछ की गई है।
वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव के समय केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि उनकी कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और सबूतों के आधार पर की जा रही है।
गौरतलब है कि राज्य में पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनावी माहौल के बीच जारी ईडी छापेमारी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।






