इंडी गठबंधन ने महिला आरक्षण का किया समर्थन, परिसीमन बिल पर जताई कड़ी आपत्ति

संसद के विशेष सत्र से पहले विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की अहम बैठक में महिला आरक्षण को लेकर समर्थन तो दिखा, लेकिन परिसीमन विधेयक को लेकर गहरी चिंता और विरोध सामने आया, जिससे स्पष्ट हो गया कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
Mallikarjun Kharge की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया और तीन अहम विधेयकों—महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन—पर रणनीति तैयार की गई, इस दौरान गठबंधन ने साफ संकेत दिया कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के कदम का स्वागत है, लेकिन सीटों के पुनर्निर्धारण के तरीके पर गंभीर आपत्ति है।
बैठक में Rahul Gandhi, Jairam Ramesh, Supriya Sule, Sanjay Raut और Sagarika Ghose समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर संसद के भीतर सरकार के प्रस्तावों का संयुक्त रूप से सामना करने की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के नाम पर लाए जा रहे “दोषपूर्ण परिसीमन” को स्वीकार नहीं करेगा और लोकतंत्र को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम का डटकर विरोध करेगा, वहीं विपक्षी दलों ने लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए हैं।
N. K. Premachandran ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक का पूरी तरह समर्थन करता है, लेकिन 2011 की जनगणना के आधार पर प्रस्तावित परिसीमन क्षेत्रीय असंतुलन पैदा कर सकता है, उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में उत्तर प्रदेश को लगभग 135 सीटें मिल सकती हैं जबकि केरल को करीब 22.5 सीटें ही मिलेंगी, जो प्रतिनिधित्व के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, इंडी गठबंधन ने यह साफ कर दिया है कि वह महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सरकार के साथ है, लेकिन परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी असमान या विवादित प्रस्ताव को लेकर संसद के अंदर और बाहर मजबूत विरोध जारी रहेगा।






