नोएडा आंदोलन मजदूरों की आखिरी चीख, सरकार ने अनसुना किया: राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने Noida में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के श्रमिकों की “आखिरी चीख” है, जिसे सरकार ने अनसुना कर दिया।
🗣️ मजदूरों के समर्थन में बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि नोएडा की सड़कों पर जो कुछ हुआ, वह उन मजदूरों की आवाज है जो लगातार अपनी मांगें रखते-रखते थक चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मजदूर देश की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उन्हें बोझ समझ रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।
💸 वेतन और महंगाई का मुद्दा
कांग्रेस नेता के मुताबिक, नोएडा में काम करने वाले मजदूरों की औसत तनख्वाह करीब 12 हजार रुपये है, जिसमें से 4 से 7 हजार रुपये किराए में ही खर्च हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मामूली वेतन वृद्धि भी बढ़ते किराए और महंगाई के सामने बेअसर हो जाती है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मजदूरों को कभी-कभी 5 हजार रुपये तक में सिलेंडर खरीदना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर होती है।
⚖️ लेबर कोड पर सवाल
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि नवंबर 2025 से बिना पर्याप्त संवाद के चार लेबर कोड लागू किए गए, जिससे काम के घंटे 12 तक बढ़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि जो मजदूर रोज़ 12 घंटे काम करता है और अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए संघर्ष कर रहा है, उसकी 20 हजार रुपये वेतन की मांग पूरी तरह जायज है।
🚨 पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन सोमवार और मंगलवार को उग्र हो गया था। कई जगहों पर वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है।






