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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूत: आईआईएम रायपुर में बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर

डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि हाल के वैश्विक झटकों ने भारत की क्षमता और लचीलेपन की परीक्षा ली, लेकिन देश इन चुनौतियों से मजबूती के साथ उभरकर सामने आया है। उन्होंने यह बात भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कही।

रायपुर में आयोजित इस समारोह में कुल 552 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 314 एमबीए, 230 एग्जीक्यूटिव एमबीए और 8 डॉक्टरेट शोधार्थी शामिल थे।

अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह देश के मजबूत आर्थिक प्रबंधन और विकास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत ने घरेलू और वैश्विक दोनों तरह की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है।

डॉ. जयशंकर ने स्नातक हो रहे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक ऐसे दौर में कदम रख रहे हैं, जहां भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों को इस परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया और उनके कौशल को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के पास तकनीक, सूचना और वैश्विक अवसरों तक बेहतर पहुंच है, जो उन्हें पहले की पीढ़ियों की तुलना में अधिक सक्षम बनाती है।

इस अवसर पर संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष पुनीत डालमिया ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अनुकूलन क्षमता, ईमानदारी और नेतृत्व के महत्व पर जोर दिया।

समारोह के अंत में शिवांग छिकारा, शालिनी दुबे और बोबन चाको सहित मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

आईआईएम रायपुर ने अपने मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड और संस्थागत विकास के जरिए देश के प्रबंधन शिक्षा क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण पहचान को और मजबूत किया है।

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