|

ईरानी तेल कार्गो चीन भेजे जाने की खबरें गलत: केंद्र सरकार ने किया खंडन

केंद्र सरकार ने ईरानी कच्चे तेल के एक कार्गो को भारत से चीन डायवर्ट किए जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन रिपोर्टों को “तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक” बताया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पेमेंट से जुड़ी किसी भी समस्या के कारण ईरानी तेल का कार्गो भारत के वाडिनार बंदरगाह से चीन भेजे जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।

मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को पहले ही पूरा कर लिया है, जिसमें ईरान से होने वाली आपूर्ति भी शामिल है।

सरकार ने यह भी कहा कि कच्चे तेल के व्यापार में जहाजों का रास्ता बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो व्यावसायिक और परिचालन कारणों से किया जाता है। इससे आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ‘पिंग शुन’ नाम का एक टैंकर, जो ईरानी कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था, उसने अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की ओर रुख कर लिया। इस पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें भ्रामक हैं।

इसके साथ ही मंत्रालय ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। बताया गया कि ‘सी बर्ड’ नामक जहाज, जिसमें लगभग 44,000 टन एलपीजी है, मैंगलोर पहुंच चुका है और वहां माल उतारने की प्रक्रिया जारी है।

सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और कंपनियों को अपनी जरूरतों के अनुसार स्रोत बदलने की पूरी स्वतंत्रता है।

इस स्पष्टीकरण के साथ केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पर किसी भी तरह का खतरा नहीं है और अफवाहों से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।

Share

Similar Posts